Sunday, December 14, 2014

सच के बारे में झूठ

सच सीधा-सादा कहां होता है
सच की कई परतें होती है
सच के कई रूप होते हैं
सच के कई मुखोटे होते हैं
सच की कई परिभाषाएं होती हैं
सच के कई अर्थ होते हैं
और इन सभी रूपों में
मुखोटों में
परिभाषाओं में
अर्थों में
इतने विरोशाभास होते हैं कि
सच के सीधा सादा होने की
सभावना ही समाप्त हो जाती है।

और जो लोग
सच को सीधा-सादा,साफ़-सुथरा
और स्पष्ट  बताते हैं
वास्तव में
सच के बारे में झूठ बोल रहे होते हैं

रवि कांत अनमोल

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